दुल्हन नहीं दोस्त चाहिए

पुरुष अपनी पत्नी को दोस्त का दर्जा देने को तैयार ही नहीं है। वह मानता है पत्नी अलग होती है, दोस्त अलग और प्रेमिका अलग।

- संजय कुंदन

शुक्रवार, 15 अप्रैल 2011

शामिल हो जाइए, बहस में (Debate on MARRIAGE!)

हिंदी ब्लॉग जगत में पहली बार उल्टा तीर पर 'शादी पर बहस'


हिन्दुस्तान में रोज़ कई शादियाँ होती हैं, हिंदुस्तान में ही क्या दुनिया में हर जगह हर कौने में कई शादियाँ होती हैं. आपने भी शादी की होगी और अगर नहीं, तो आज-नहीं तो कल तो करेंगे ही. (ये बात और कि यदि कोई ताउम्र कुंवारे/कुंवारी रहने का प्रण कर ले).

हम अपने ब्लॉग उल्टा तीर पर जिस शादी का चर्चा करने जा रहे हैं वो किसी नेता के लाड़ले या लाड़ली की शादी नहीं है, किसी बहुत बड़े बिसनेस मेन के बेटे या बेटी की शादी नहीं, ना हीं किसी बहुत चर्चित व्यक्ति की ये शादी है. फिर इसमें ऐसा ख़ास क्या है? ख़ास है शादी के लिए इन दोनों का अहसास! और इससे जुड़े तमाम सवाल!
http://ultateer.blogspot.com/

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